MPSE – 008 : भारत में राज्यीय राजनीति in Hindi Solved Assignment 2025-26
Title : MPSE – 008 भारत में राज्यीय राजनीति in Hindi Solved Assignment 2025-26
Course Code : MPSE 008
Course Title : भारत में राज्यीय राजनीति
Assignment Code : MPSE/TMA/2025-26
Maximum Marks : 100
Title : MPSE 008 Solved Assignment in Hindi 2025-26
Course : MA Political Science
University Name : IGNOU
Service Type : Solved Assignment (Soft Copy)
Language : Hindi Medium
Semester : 2nd Year
Session : Valid for Admission July 2025 and January 2026
Short Name : MPSE 008
Assignment Code : MPSE/TMA/2025-26
Product : Assignment of MPSE 008 (IGNOU)
खंड-I
1) 1947 के बाद भारत में राज्य राजनीति के विकास की ऐतिहासिक रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए। राज्य स्तरीय राजनीतिक संरचनाओं में समय के साथ क्या परितर्वन आए हैं?
2) भारतीय संघवाद (federalism) की प्रमुख विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। विषय संघीय व्यवस्थाएँ (Asymmeterical Federal Arrangement) राज्य राजनीति को कैसे प्रभावित करती है?
3) राज्य राजनीति के अध्ययन में मार्क्सवादी (Marxist) और बहुलवादी (pluralist) दृष्टिकोणों की तुलना और अंतर कीजिए। उपयुक्त उदाहरणों सहित विश्लेषण कीजिए।
4) भारत में भाषाई और क्षेत्रीय स्वायत्तता आंदोलनों ने राज्य राजनीति को किस प्रकार प्रभावित किया है? आलोचनात्मक विवरण प्रस्तुत कीजिए।
5) निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिएः
a) भारतीय राज्यों में उप-राष्ट्रीयता (Sub-nationalism)
b) जातीय विविधता के प्रति राष्ट्रवादी प्रतिक्रियाएँ
खंड-II
6) केन्द्र और राज्यों दोनों स्तरों पर गठबंधन राजनीति (coalition politics) को आकार देने में क्षेत्रीय दलों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
7) भारत में जाति आधारित राजनीतिक लामबंदी और पिछड़े वर्गों (Backward Classes) के उभार ने राज्य स्तरीय चुनावी राजनीति को कैसे प्रभावित किया है?
8) उदारीकरण (liberalisation) और वैश्वीकरण (globalisation) ने भारतीय राज्यों की राजनीतिक अर्थव्यवस्था और शासन प्रणाली पर क्या प्रभाव डाला है?
9) भारत में अंतर-राज्यीय नदी जल विवादों की प्रकृति और कारणों का विश्लेषण कीजिए।
10) निम्नलिखित पर लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिएः
a) राज्य स्तर पर प्रतिरोध की राजनीति (Protest politics) और लोकतांत्रिक गहनता (Democratic Deepening)
b) उप-राज्यीय राजनीति में नागरिक समाज (civil society) की भूमिका




