MSO 002 : शोध पद्धतियाँ और विधियां in Hindi Solved Assignment 2025-26
Assignment Title : MSO 002 शोध पद्धतियाँ और विधियां in Hindi Solved Assignment 2025-26
Course Code : MSO 002
Course Title : शोध पद्धतियाँ और विधियां
Assignment Code : MSO 002/TMA/2025-26
Maximum Marks : 100
Title : MSO 002 Solved Assignment in Hindi 2025-26
Course : MA Sociology
University Name : IGNOU
Service Type : Solved Assignment (Soft Copy)
Language : Hindi Medium
Semester : 1st Year
Session : Valid for Admission July 2025 and January 2026
Short Name : MSO 002
Assignment Code : MSO 002/TMA/2025
Product : Assignment of MSO 002(IGNOU)
भाग-।
निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर दीजिए।
1. प्रत्यक्षवादी दृष्टिकोण में कॉम्टे और दुर्खाइम के योगदान की चर्चा कीजिए।
2. सामाजिक यथार्थ को समझने के अनुभववादी दृष्टिकोण का वर्णन कीजिए।
3. समाजगास्त्र के सांवृत्तिक उपागम (दृष्टिकोण) के प्रति मार्टिन हाइडिगर के योगदान पर चर्चा कीजिए।
4. आधारी और अनुप्रयुक्त सामाजिक शोध (अनुसंधान) के बीच अंतर बताइए। विभिन्न संदर्भों में उनके प्रयोग की उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट जानकारी दीजिए।
5. समाजशास्त्र में क्षेत्र कार्य शोध की प्रासंगिता की चर्चा कीजिए।
भाग-।।
निम्नलिखित विषय-वस्तुओं में से किसी एक पर लगभग 3000 शब्दों में शोध रिपोर्ट लिखिए।
i) तीर्थ यात्राओं का सामाजिक एवं आर्थिक महत्व
ii) भारत में रेहड़ी-पटरी वालों की प्रमुख चुनौतियाँ
iii) परिवार, नातेदारी एवं विवाह पर प्रवसन का समाजिक प्रभाव
आप इस रिपोर्ट को साहित्य की समीक्षा या प्राथमिक स्रोतों से संग्रहित आँकड़ों के आधार पर लिख सकते हैं।
साहित्य की समीक्षा के लिए आपको अपनी पसंद के चयनित विषय पर हाल ही में प्रकाशित किन्हीं दो पुस्तकों या चार शोध लेखों का चयन करना होगा। समीक्षा लेख अध्ययन की अवस्थिति तथा इन अध्ययनों में प्रयुक्त प्रविधि और इन अध्ययनों के मुख्य परिणामों को ध्यान में रखते हुए लिखिए।
प्राथमिक स्रोत के लिए आपको दो केस अध्ययन संग्रहित करने होंगे और चयनित विषय-वस्तु पर अपनी रिपोर्ट तुलनात्मक ढाँचे में लिखें। रिपोर्ट लेखन के दौरान अध्ययन के उद्देश्यों और सम्मुख आने वाली समस्याओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और
चयनित मुद्दे को वर्तमान / उपलब्ध साहित्य के दायरे में एक समस्या के रूप में अभिव्यक्त करें,
अपने प्रेक्षणों, निष्कर्षों एवं परिणामों की प्रस्तुति संसक्त रूप से करें, और
अंत में उचित संदर्भ (बिंदुओं) का उल्लेख करें।

